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श्री पीताम्बरा पीठ, दतिया

Short Introduction:- “पीतांबरा पीठ” एक प्रसिद्ध हिन्दू देवी मंदिर है। हिंदुओं के पवित्र 51 शक्तिपीठों मे से एक यह मंदिर माता पीतांबरा (बंगलामुखी) और धूमावती से संबधित है।

“Pitambara Peeth” is a famous Hindu Goddess temple. This temple is one of the sacred 51 Shakti Peethas of Hindus. The temple is related to Mata Pitambara (Bangalamukhi) and Dhumavati.

Pitambara Peeth
Pitambara peeth

श्री पीताम्बरा शक्तिपीठ, दतिया (Pitambara shakti peeth, Datia) 

श्री पीताम्बरा पीठ (Pitambara Sakti Peeth) मध्यप्रदेश राज्य के दतिया शहर में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू देवी मंदिर है। यह मंदिर हिंदुओं के पवित्र 51 शक्तिपीठ में से एक है मान्यता अनुसार यहाँ सती देवी का पित्त गिरा था।

यह मंदिर माता बंगलामुखी और धूमावती से संबधित है। माता बंगलामुखी का एक नाम पीतांबरा भी है। इसलिए इस मंदिर को पीतांबरा शक्ति पीठ कहते है। यहाँ स्थित श्री वनखंडेश्वर शिव के शिवलिंग को महाभारत के समकालीन के रूप में अनुमोदित किया जाता है।

यह पवित्र स्थान कई पौराणिक कथाओं के साथ-साथ वास्तविक जीवन में लोगों की ‘तपस्थली’ रही है। आज भी दूर दूर से साधक मंदिर परिसर में बने साधना स्थल में साधना करने आते है।


स्थापना (The Establishment)

पीताम्बरा पीठ (Pitambara Peeth) की स्थापना सिद्ध संत ‘स्वामीजी महाराज’  ने सन 1935 में दतिया के तात्कालिक राजा ‘शत्रुजीत सिंह बुन्देला’ के सहयोग से की थी। पीताम्बरा पीठ को श्मशान भूमि के ऊपर बनाया गया है।

श्री स्वामी महाराज परिव्राजकाचार्य दंडी स्वामी थे, उन्होने बचपन में ही सन्यास ग्रहण कर लिया था। कोई नहीं जानता कि वह कहाँ से आये थे और उनका वास्तविक नाम क्या था।

स्वामी जी लम्बे समय तक दतिया में निवास किया था। वह कई लोगों के आध्यात्मिक गुरु भी थे और आज भी कई लोग उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उन्के साथ जुड़ा हुआ है। स्वामीजी प्रकांड विद्वान् व प्रसिद्ध लेखक भी थे। उन्होने संस्कृत, हिन्दी में कई किताबें लिखी थीं।


मंदिर परिसर (Temple Complex)

श्री पीताम्बरा पीठ (Pitambara peeth), माँ बंगलामुखी के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो 1920 के दशक में श्रीस्वामी जी द्वारा स्थापित किया गया था। उन्होंने आश्रम के भीतर धूमावती देवी के मंदिर की भी स्थापना की थी, जोकि देश भर में एकमात्र है। 

धूमावती और बंगलामुखी दस महाविद्याओं में से दो हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर में भगवान परशुराम, हनुमान, कालभैरव और अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी बने है।

मंदिर का रख रखाव पीतांबरा शक्तपीठ ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। मंदिर परिसर में एक संस्कृत पुस्तकालय भी है, जिसमे आश्रम के इतिहास, विभिन्न प्रकार के साधनाओं और तंत्रों की व्याख्या करने वाली पुस्तकें उपलब्ध है। मंदिर आश्रम संस्कृत भाषा का प्रकाश छोटे बच्चों तक फैलाने का प्रयास करती है, जो निशुल्क है। आश्रम में वर्षों से संस्कृत वाद-विवाद भी कराया जाता रहा है।


कैसे पहुंचे पहुँच (how to reached Pitambara peeth)

हवाई मार्ग (By Air) :- दतिया पीठ  मध्य प्रदेश के दतिया शहर में स्थित है, सबसे निकटमत हवाई अड्डा ग्वालियर है, जो मंदिर से लगभग 75 किमी दूरी पर स्थित है। `

रेल मार्ग (By Rail) :- दतिया का अपना रेल्वे स्टेशन है जिसकी मंदिर से दूरी लगभग 2 किमी है। दतिया से झाँसी जंकसन (Jhansi junction) की दूरी 29 किमी है, जो देश के लगभग हर बड़े रेल्वे स्टेशन से जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग (By Road):- दतिया सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। ग्वालियर, झाँसी, कानपुर, जयपुर, इंदौर आदि शहरों से यहाँ के लिए डायरेक्ट ट्रांसपोर्ट की सुविधा है।


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