Sikhism Frequently Asked Questions In Hindi

सिख धर्म प्रश्नोत्तरी (Sikhism FAQs), जिज्ञासुओं के मन मे सिख धर्म को लेकर कई प्रश्न मन मे आते है। ऐसे ही कई प्रश्नों का उत्तर हम आजके लेख में जानेंगे।


सिख धर्म स्थापना और संस्थापक

प्रश्न- सिख सम्प्रदाय के स्थापना किसने की थी?
उत्तर- सिख धर्म की स्थापना गुरु नानक जी ने की थी।

प्रश्न- सिख धर्म की स्थापना कब हुई थी?
उत्तर- सिख धर्म का उदय भारत के पंजाब में 15 वी-16 वीं शताब्दी में हुआ था।

प्रश्न- गुरु नानक का जन्म कहा हुआ था?
उत्तर- गुरूनानक का जन्‍म 1469 ई ० में रावी के तट पर स्थित तलवंडी (ननकाना साह‍िव) में हुआ था।

प्रश्न- गुरु नानक के माता-पिता का क्या नाम था?
उत्तर- गुरु नानक देव जी के पिता का नाम कल्यानचंद या मेहता कालू जी था, वहीं माता का नाम तृप्ता देवी था। नानक देव जी की एक बहन थीं, जिनका नाम नानकी था।

प्रश्न- गुरु नानक गृहस्त थे?
उत्तर- जी, गुरु नानक गृहस्थ थे। गुरु नानक का विवाह 1946 में हुआ था। उनकी पत्नी का नाम सुलक्षणी था, वह बटाला की रहने वाली थीं। उनके दो पुत्र श्रीचन्द और लक्ष्मीचन्द थे।

प्रश्न- गुरु नानक ने किन देशों की यात्रा की थी?
उत्तर- गुरु नानक देव ने भारत, तिब्बत और अरब से आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत की थी। यह यात्रा 30 साल तक चली थी।

प्रश्न- गुरु नानक की मृत्यु कब हुई थी?
उत्तर- गुरु नानक देव जी का देहावसान करतारपुर में 1539 में हुआ था। स्वर्गगमन से पूर्व उन्होंने बाबा लहना को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। जो बाद में गुरू अंगददेव के नाम से प्रसिद्ध हुए।


सिख धर्म मे गुरु परम्परा

प्रश्न:- गुरु नानक ने अपना शिष्य किसे स्वीकार किया?
उत्तर- गुरु नानक ने ‘लहणा ’ की क्षमताओं की पहचान कर उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त कर गुुरु अंगद नाम दिया गया।

प्रश्न- सिख धर्म के 10 गुरु के क्या नाम है?
उत्तर- सिक्ख धर्म में गुरु-परंपरा का विशेष महत्त्व रहा हैं। इनके 10 गुरु माने गए हैं जिनके नाम और काल इस प्रकार हैं –

पहले गुरुगुरु नानक1469-1539
दूसरे गुरुगुरु अंगद1539-1552
तीसरे गुरुगुरु अमर दास1552-1574
चौथे गुरुगुरु राम दास1574-1581
पाँचवें गुरुगुरु अर्जुन देव1581-1606
छठे गुरुगुरु हरगोबिंद1606-1644
सातवें गुरुगुरु हर राय1644-1661
आठवें गुरुगुरु हरकिशन1661-1664
नवें गुरुगुरु तेग बहादुर1665-1675
दसवें गुरुगुरु गोबिंद सिंह1675-1708

सिख धर्म के मूल तत्व

प्रश्न:- सिख का क्या अर्थ है?
उत्तत:- ‘सिख’ शब्द शिष्य’ का तद्भव रूप है, जिसका अर्थ है गुरु नानक के शिष्य-अर्थात् उनकी शिक्षाओं का अनुसरण करने वाले।

प्रश्न:- एक औंकार क्या है?
उत्तर:- सिख एक ही ईश्वर को मानते हैं, जिसे वे एक-ओंकार कहते हैं। उनका मानना है कि ईश्वर अकाल और निरंकार है।

प्रश्न: सतनाम का क्या अर्थ है?
उत्तर:- सिक्ख धर्म में ‘ सतनाम ’ का अर्थ है – उसी का नाम सत्य हैं।

प्रश्न- खालसा क्या है?
उत्तर- गुरु गोविंद सिंह ने सिख पंथ को नया रूप, नई शक्ति तथा नई ओजस्विता प्रदान करने के लिए उन्ह ‘खालसा’ परंपरा की स्थापना की। सिख सैनिकों को सैनिक वेश में दीक्षित किया गया। और ‘बाह गुरु जी का खालसा, बाह गुरु जी की फतह’ कहकर उनका आह्वान किया।

प्रश्न:- पांच ककार /पाँच कक्के’ क्या है?
उत्तर:- प्रत्येक स्थिति में सदा तैयार रहने के लिए उन्होंने सिखों के लिए पाँच ककार अनिवार्य घोषित किए। जिन्हें आज भी प्रत्येक सिख धारण करना अपना गौरव समझता है।

  1. केश – जिसे सभी गुरु और ऋषि-मुनि धारण करते आए थे।
  2. कंघा – केशों को साफ करने के लिए।
  3. कच्छा – स्फूर्ति के लिए।
  4. कड़ा – नियमऔर संयम में रहने की चेतावनी देने के लिए।
  5. कृपाण – आत्मरक्षा के लिए।

गुरु ग्रंथ साहिब

प्रश्न:- गुरु ग्रंथ साहिब / आदि ग्रंथ क्या है?
उत्तर:- गुरु ग्रंथ साहिब सिक्खों के पवित्र धार्मिक ग्रंथ है।

प्रश्न:- गुरु ग्रंथ साहिब कब और किसने लिखी?
उत्तर:- पाँचवे सिख गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी ने सन् 1604 में अपने पिछले गुरुओं तथा अपने समकालीन हिन्दू – मुस्लिम संतों के पदों एवं भजनों का संग्रह कर आदि ग्रंथ की रचना की।

दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह जी ने इसमें 1704 से 1706 काल में और शबद जोड़े। उन्होंने कहा कि उनके बाद कोई अन्य गुरु नहीं होगा बल्कि आदि ग्रंथ ही गुरु माना जाएगा। तब से ‘आदि ग्रंथ’ को ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ कहा जाने लगा।


सिख परम्परा से जुड़े कुछ अन्य प्रश्न

प्रश्न:- स्वर्ण मंदिर की स्थापना किसने करी?
उत्तर:- सिक्ख धर्म के पांचवें गुरु अर्जुनदास ने ‘ हरमिंदर साहब ’ (स्वर्ण मंदिर) की स्थापना की।

प्रश्न:- सिख धर्म मे लंगर की परंपरा की शुरुवात किसने करी?
उत्तर:- तीसरे गुरु अमरदास ने जाति प्रथा तथा छुआछूत दूर करने के उद्देश्य से लंगर परंपरा की नींव डाली।

प्रश्न- प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर- गुरू अर्जुन देव ने  र्स्‍वण मंदिर (Golden Temple) का निर्माण कराया था।

प्रश्न:- सिख लोग नाम के आगे सिंह या कौर क्यों लगाते है?
उत्तर:- सन् 1699 में जब सिखों के दसवें गुरु ‘गुरु गोबिंद सिंह जी’ ने वैसाखी के त्योहार के दिन यह ऐलान किया था कि जातिवाद और ऊंच-नीच के भेद को खत्म करते हुए आज के बाद सिखों को एक नई पहचान दी जाएगी।

उन्होंने पुरुष खालसाओं को ‘ सिंह’ तथा महिलाओं को ‘कौर’ की उपाधि दी। सिंह का अर्थ शेर है, जो किसी से नहीं डरता। कौर से उनका तात्पर्य था ‘राजकुमारियां’।


सिख धर्म के 5 प्रमुख तख्त

प्रश्न:- पंज तख्त क्या है?
उत्तर:- पंच तख्त हैं और ये तख्त पाँच गुरुद्वारे हैं जिनका सिख समुदाय के लिये बहुत महत्त्व है। पाँच तख्य ये हैं- अकाल तख्त (अमृतसर में), दमदमा साहिब, केशगढ़ साहिब, पटना साहिब और हुजूर साहिब (नान्देड)।

प्रश्न:- अकाल तख्त के बारे में बताये?
उत्तर:- अकाल तख्त साहिब का मतलब है अनन्त सिंहासन। इस तख्त गुरुद्वारे की स्थापना अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुई थी। यह अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर का एक हिस्सा है। इसकी नींव सिखों के छठे गुरु श्री गुरु हरगोविंद साहिब द्वारा 1609 में रखी गई थी।

प्रश्न:- श्री हरमिंदर साहिब के बारे में बातये?
उत्तर:- तख्त श्री हरिमंदिर साहिब बिहार राज्य की राजधानी पटना शहर में स्थित है इसीलिए इसे पटना साहिब भी कहते हैं। हरिमंदिर का अर्थ है हरि का मंदिर, या प्रभु का घर। गुरु गोविंद सिंह का यहां जन्म हुआ था। आनंदपुर साहिब में जाने से पहले गुरु गोविंद सिंह ने अपना बचपन यहां बिताया था।

प्रश्न:- तख्त श्री हजूर साहिब के बारे में बातये?
उत्तर:- तख्त श्री हजूर साहिब महाराष्ट्र के दक्षिण भाग में तेलंगाना की सीमा से लगे प्राचीन नगर नांदेड़ में गोदावरी नदी के उत्तरी किनारे पर स्थित है। इस तख्‍त सचखंड साहिब भी कहते हैं। इसी स्थान पर गुरू गोविंद सिंह जी ने आदि ग्रंथ साहिब को गुरुगद्दी बख्शी और सन् 1708 में आप यहां पर ज्योति ज्योत में समाए।

प्रश्न:- तख्त श्री दमदमा साहिब के बारे में बताए?
उत्तर:- तख्त श्री दमदमा साहिब भटिंडा के पास गांव तलवंडी साबो में दमदमा साहिब तख्‍त स्थित है। गुरु गोविंद सिंह यहां एक साल के लिए रुके थे और 1705 में गुरु ग्रंथ साहिब के अंतिम संस्करण दमदमा साहिब बीर को अंतिम रूप यहां दिया था।

प्रश्न:- तख्त श्री केशगढ़ साहिब के बारे में बताये।
उत्तर:-तख्त श्री केशगढ़ साहिब पंजाब के रोपड़ जिले में शिवालिक क्षेत्र में आनंदपुर नगर में तख्त श्री केशगढ़ साहिब स्थित है। गुरु गोबिंद सिंहजी ने यहां 25 साल व्यतीत किया है।


सिख गुरु की मृत्यु कैसे हुई?

प्रश्न:- गुरू अर्जुन देव की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर:- जहाँगीर के आदेश पर 30 मई, 1606 में श्री गुरू अर्जुन देव जी को लाहौर में भीषण गर्मी के दौरान “यासा व सियासत” कानून के तहत लोहे के गर्म तवे पर बिठाकर शहीद कर दिया गया।

प्रश्न:- गुरु तेग बहादुर की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर:-औरंगजेब ने कश्मीरी पंडितों और गैर-मुस्लिमों को इस्लाम धर्म में रूपांतरण करने का आदेश दिया था जिसका गुरु तेगबहादुर ने पुरजोर विरोध किया. उनके इस विरोध का बदला लेते हुए मुगल सम्राट औरंगजेब ने गुरु तेगबहादुर का 1675 में दिल्ली में सार्वजनिक रूप से सर कटवा दिया।

प्रश्न:- श्री हरि किशन की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर:- सिखों के आठवें गुरु थे श्री हरि किशन जी की मृत्यु 8 वर्ष की आयु में चेचक से हुई।

प्रश्न:- गुरु गोविंद सिंह की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर:- जमशेद खान ने गुरु गोविंद सिंह के दिल के नीचे धोखे से घाव कर दिया। गुरु गोविंद सिंह ने 7 अक्टूबर 1708 के दिन नांदेड़ साहिब, महाराष्ट्र में अंतिम श्वास ली।


प्रस्तुत लेख में सिख धर्म से जुड़े प्रमुख प्रश्नों का उत्तर दिया गया है। यह लेख सिख धर्म के बारे जानने के इच्छुक और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

आशा करते है, आपको यह लेख पसंद आया होगा। यदि आपके मन में कोई प्रश्न है तो कॉमेंट के माध्यम से पूंछ सकते है। धन्यवाद..🙏


Last Updated on 01/05/2021

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *